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career In Interior Designing

There are many areas that the interior designer may want to specialize in such as residential (houses, flats, canal boats, and anywhere else used for domestic accommodation), workplaces (includes factories, offices, and any number of other settings), temporary exhibition designing (museums, galleries, and a wide range of other private and public settings), commercial (includes retail shops and shopping malls, warehouses, conference centers), leisure (cinemas, theatres, and gyms)

Paranoid / Delusional Disorder

वहम की बीमारी है डिल्यूशन डिसऑर्डर रोहित को शक है की उसकी पत्नी का अफेयर चल रहा है। यह शक धीरे बढ़ता गया और फिर इतना बढ़ गया की उसने अपनी पत्नी पर निगरानी रखनी शुरू कर दी और उसका बाहर आना जाना बंद कर दिया। फिर भी उसे तसल्ली नहीं हुई और वो अपनी पत्नी की जान लेने पर उतारू हो गया। एक लड़के ने एक लड़की पर तेजाब फेंक दिया क्योंकि उसे हमेशा से लगता था की वो लड़की उससे प्यार करती है जबकि दोनों आपस मे सिर्फ 1-2 बार ही मिलें है लेकिन लड़की ने इस बात से मना कर दिया।

हस्तमुद्रा और पंचतत्व

मुद्रा और योग के बारे में बताने वाला सबसे पुराना ग्रंथ घेरण्ड संहिता है। हठयोग के इस ग्रंथ को महर्षि घेरण्ड ने लिखा था। घेरंड में 25 और हठयोग प्रदीपिका में 10 मुद्राओं का उल्लेख मिलता है

घुटनों में दर्द / Knee Pain

जोड़ शरीर का अहम हिस्सा होते हैं जिनके कारण उठना- बैठना, चलना, शरीर को मोड़ना आदि मुमकिन होता है। घुटना शरीर का सबसे बड़ा तथा जटिल जोड़ है। घुटने का दर्द अस्थिरज्जु के फटने से भी होता है। हमारी रोजमर्रा की गतिविधियां जैसे चलना, दौड़ना, उछलना या सीढ़ियां चढ़ने से घुटने पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है। हर दिन के दबाव से घुटने की अस्थिरज्जु में टूट-फूट हो जाती है,जोड़ों में स्थित कारटीलेज का क्षय होता है, जिससे भी जोड़ों का दर्द होता है।

Selfie मनोरंजन या मनोरोग

आज कल आप जहाँ देखिये वहां सेल्फी का बोलबाला है वो चाहे कोई पार्टी हो ,स्कूल ,कालेज ,पार्क , पिकनिक स्पॉट या फिर रेलवे स्टेशन ,रोड या यूँ कहे की इस सेल्फी वर्ड ने पूरे विश्व को आच्छादित कर रखा है | क्या आप जानते है ज्यादातर लोगों के सेल्फी लेने के पीछे क्या मनोविज्ञान होता है ?

तंबाकू और मानसिक स्वास्थ्य पर इसके परिणाम।

तम्बाकू सभी नशीले प्रदार्थ में सबसे ज्यादा खाया जाने वाला नशीला प्रदार्थ हैं। तम्बाकू लेने के कई मानसिक व शारीरिक दुष्परिणाम होते हैं।

कोरोना और मानसिक स्वास्थ्य

महामारी के दौर में हम खुद को कैसे मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रवल बनाये रखने में सहयक हो तो मेरा आपसे यही कहना है की जब हम घर पर रहेंगे तभी खुद को इस बीमारी के संक्रमण से बचा पायगे नहीं तो बाहर निकलने पर जिमेदार होंगे

Child Behavior/Conduct Disorder

बचपन और किशोरावस्था के दौरान होने वाली चिंता विकार सबसे आम मानसिक, भावनात्मक और व्यवहारिक समस्याओं में से हैं। अमेरिकी राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सूचना केंद्र के मुताबिक, हर 100 बच्चों में से 13 बच्चों और 9 से 17 साल की उम्र के किशोरों को किसी तरह की चिंता विकार का अनुभव होता है। लड़कियां लड़कों से ज्यादा प्रभावित हैं हालांकि इन विकारों को मामूली लग सकता है, अगर वे इलाज नहीं छोड़े जाते हैं, तो वे स्कूल को खत्म करने में अक्षमता का सामना कर सकते हैं

बच्चों को बताएं गुड टच और बैड टच

बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए सबसे जरूरी है कि उन्हें गुड टच और बैड टच की एजुकेशन दी जाए। बच्चों को पता होना चाहिए कि किन लोगों का किस तरह से छूना सही है किन लोगों का गलत। इस एजुकेशन की शुरूआत घर से ही हो सकती है।

Emotional Abuse/भावनात्मक शोषण

शोषण के बारे में बात करते वक्त हमारे ज़ेहन में सिर्फ शारीरिक शोषण आता है। शारीरिक शोषण जैसे कि चोट पहुंचाना या यौन शोषण करना। भावनात्मक शोषण वो होता है,जब कोई अपने शब्दों से या क्रोध से आपको तकलीफ पहुंचाता है,या नियंत्रित करने की कोशिश करता है।

Life Is What We Make It

Life is What we make it” means hum jaisa apni life ko banate hai hamari life waise hi ban jaati hai . hum apni life k apne luck k creator khud hai. Hum apne according life ko chunte hai aur usko chalate hai. Hum jaise karam karte hai hume usi k aadhar pe results milte hai aur hamari life usi path ko follow krti hai isme luck ka koi role nai hota hai. Hum apne kaaryo aur karmo k aadhar pr luck ko badal sakte hai .

होलाष्टक क्या है

होलाष्टक के पीछे एक और वैज्ञानिक महत्व यह भी बताया जाता है जिसके अनुसार होलाष्टक के पहले दिन यानि कि फाल्गुन शुक्लपक्ष की अष्टमी को चंद्रमा अपने उग्र रूप में रहता है। इसके बाद नवमी को सूर्य उग्र रूप में रहता है, इसी तरह दशमी को शनि, एकादशी को शुक्र, द्वादशी को गुरु, त्रयोदशी को बुध, चतुर्दशी को मंगल तथा पूर्णिमा को राहु का उग्र रूप रहता है।

Zero state of mind

Zero state of mind does not mean the lack of thoughts in the mind but its neutralness. The mind can never be free of thoughts. Just as the fulcrum of weighing scales lies exactly in the middle i.e. on zero, similarly our mind also can have absolutely neutral thoughts. If you can consider the negative and positive attitude to be at a different ends of the different scale then in the middle of the line joining two would be neutral the position of the zero, which is neither negative nor positi