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बच्चों को बताएं गुड टच और बैड टच

बच्चों को बताएं गुड टच और बैड टच

जरूरी है 'गुड टच-बैड टच' की एजुकेशन
बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए सबसे जरूरी है कि उन्हें गुड टच और बैड टच की एजुकेशन दी जाए। बच्चों को पता होना चाहिए कि किन लोगों का किस तरह से छूना सही है किन लोगों का गलत। इस एजुकेशन की शुरूआत घर से ही हो सकती है।

गुड टच-बैड टच
बच्चों का मन तो चंचल होता है। उन्हें बॉडी पार्ट्स के बारे मालूम नहीं होता। ऐसे में बच्चों की समझ को देखते हुए उन्हें बताए कि उनके प्राइवेट पार्ट्स क्या हैं। साथ ही यह बताए कि उनके प्राइवेट पार्ट्स सिर्फ मम्मी-पापा और डॉक्टर्स टच कर सकते हैं।

दूसरों का ऐसा करना गलत
बच्चों को बताएं कि जैसे मम्मी-पापा बाल सहलाते हैं और किस करते हैं अगर बाहर का कोई व्यक्ति ऐसा करते हैं, तो इसके बारे में घर पर जरूर बताएं। बच्चों को बताएं कि अगर कोई आपकी उंगली पकड़ता है तो ठीक है लेकिन शोल्डर से पकड़ना गलत है।

बच्चे ऐसे कर सकते हैं रिएक्ट
बच्चों को फीजिकल अपीयरेंस के बारे में बताना बहुत जरूरी है। उन्हें बताएं कि उनके प्राइवेट पार्ट्स को अगर कोई टच करता है तो वह बैड टच है। आप बच्चों से कहें कि अगर ऐसा कोई करता है तो वह मम्मी-मम्मी या पापा-पापा कहकर चिल्लाएं।

करनी पड़ेगी ज्यादा मेहनत
ये बातें आपस में बात करने के लिए बहुत सरल हैं लेकिन इसे अमल करना उतना ही कठिन है। बच्चों के दिमाग में इन बातों को घर करवाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ेगी।

इसके लिए बहुत जरूरी है कि आप अपने बच्चे के साथ खूब टाइम स्पेंट करें और उससे धीरे-धीरे इस तरह की बातें शुरू करें। आप प्यार से समझाएंगी तो बच्चों को समझ आ जाएगा और उनके साथ कोई बड़ा हादसा होने से बच जाएगा। इसके अलावा पार्क में और होम ट्यूशन के समय अपने बच्चे के साथ जरूर रहें।

 

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