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OCD की कहानी

OCD की कहानी

बालकनी में बैठकर राजीव के साथ चाय पीना मुझे बहुत अच्छा लगता है | शादी के 18 साल हो गए पर अब भी सबकुछ नया लगता है | लेकिन गुजरे सालों में अपने किए बेवकूफी पर हमेशा शर्मिंदा रहती हूँ... |मैंने तो खो ही दिया था राजीव का साथ अपनी बेवकूफी से... 
घर के बड़ो ने भी कभी ध्यान नहीं दिया, बस कहते थे मियां-बीवी हैं आपस में लड़ेंगे और फिर रहेंगे भी साथ में |
सच बोलूं तो मुझे भी अंदाजा नहीं था कि मेरी एक आदत हम दोनों में ऐसा दरार ला देगी कि हम   divorce तक के फैसले पर पहुँच जाएंगे!! 
"मुझे हर चीज साफ-सुथरी  और जगह पर रखने की आदत थी, ऐसा तो सब करते हैं पर मैं जरुरत से ज्यादा सजग रहती थी|" राजीव फाइल सीधे ना रखे, पहने हुए t-shirts chair  पर रख दें, चाय पीकर हाथ ना धोएं और ना जाने क्या -क्या... ऐसी आदतें मेरे लिए किसी अपराध से कम नहीं होती थी, मैं सोचती थी कि ऐसे अपराधों के लिए भी सख्त से सख्त कारवाई होनी चाहिए | मैं चाहती तो नहीं थी पर बर्दाश्त करते-करते टोक ही दिया करती थी कि इस सामान को ऐसे मत छुएं, ऐसे मत रखिये, सोफे का कुशन कैसे किए हैं!!... और ना जाने क्या-क्या!! राजीव को अब ऐसा महसूस होने लगा था कि मैं अब उससे ऊब रहीं हूँ, अब प्यार नहीं करती |वो भी अब ताना देने लगे थे -तुम्हें मुझसे ज्यादा इन सामानों की फिक्र है | ये दरार कब से धीरे-धीरे इतनी गहरी पड़ने लगी हम दोनों को अंदाजा नहीं था |अब तो हमारी बातें भी दो ही पर केंद्रित रहती थी 'सफाई और सामान|'एक दिन राजीव ने बेड पर गीले  towel  क्या रख दिए, मेरा पारा सातवें आसमान पर...!! मैंने यह भी कह दिया मैं तुम जैसे गंदे इंसान के साथ अब नहीं रह सकती, मुझे तलाक दे दो |
फिर क्या था राजीव भी अड़ गए कि अब मुझे  भी तुम्हारे साथ नहीं रहना |
राजीव घर से निकल कर अपने दोस्त के यहाँ गए और सारी बातें share  की|
भगवान का लाख- लाख शुक्र है कि इनके दोस्त ने हमारी परेशानी के जड़ को पकड़ा और हमें ले गए counselling के लिए counsellor  के पास जहाँ पता चला कि हमारे तनाव का जड़ मेरा compulsive disorder हैं जिसे  OCD-obsessive compulsive disorder  कहते हैं जिसमें लोगों को भ्रम  होता है कि उनके आसपास की ज्यादातर चीजें किसी के हाथ लगा देने से भी  बहुत गंदी हो जाती है और यही भ्रम उनके मन में पैठ बना लेता है|counsellor की ये बात सुनकर मुझे ऐसा लगा कि मैंने  बैलून को अपने भ्रम से धीरे-धीरे  बहुत बड़ा कर लिया है और आज वो फट् से आवाज करके फूट गयी | कुछ दिनों तक  counsellor से therapy लेकर अब मैं बिलकुल सामान्य हो गई हूँ और अब राजीव गीले towel  मेरे कंधे पर भी रख देते हैं तो मुझे smile आती है गुस्सा नहीं |
 
 
Short story  written  by Pallavi Mishra

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