ROASTED GRAM

      भुने चने

अगर snacks की बात की जाए तो बहुत सी variety मिल जाएगी, जो सभी को पसंद भी आती है, ऐसे मे एक और snack का नाम जुड़ता है जो की है

“भुना चना”, जी हाँ  à¤­à¥à¤¨à¥‡ चने जिसे roasted gram भी कहा जाता है, जो की snacks के तौर पर भी लिए जाते है और भुने चने शायद ही किसी ने ना खाए। चने किसी भी form मे लिए जा सकते है, चाहे सब्जी के रूप मे हो, या भीगे चने हो, हर तरह से चने फायदा पहुचते है,  लेकिन लोग भुने हुए चनों को केवल स्वाद के लिए कभी-कभी खाते हैं। जबकी भुने हुए चने बहुत ही फायदेमंद होता हैं। भुने  à¤¹à¥à¤ चनों में छिलके वाले चनों के मुकाबले बिना छिलकों वाले चने ज्यादा फायदेमंद होते हैं। यह हर तरीके से सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। जहाँ  à¤‡à¤¸à¤•à¥‡ physical health मे फायदे देखने को मिलते है वही भुने चने खाने के mental health पर भी कई सारे फायदे देखने को मिलते है

भुने चनों मे भरपूर मात्रा में carbohydrate (कार्बोहाइड्रेट्स), प्रोटीन (प्रोटीन्स), fiber (फाइबर), calcium (कैल्शियम), iron (आयरन) और vitamins (विटामिन्स), folate (फोलेट), potassium (पोटैशियम) पाए जाते हैं।

 

भुने चने का खाने का mental health पर प्रभाव-

  1. Depression and anxiety को कम करता है।
  2. Overly aggressiveness को दूर करता है।
  3. Concentration मे help करता है।
  4. Memory boost करता है।  
  5. Sleep improve करता है।  
  6. Mood regulation मे help करता है।  
  7. irritability reduce करता है।
  8. Reduce fatigue and sluggishness

भुने चने खाने का सही समय- शाम मे 4 से 6 बजे के बीच भुने चने खाने का सही समय होता है।

कितनी मात्रा मे भुने चने खाएं – एक दिन के अनुसार एक मुट्ठी चने कहना  à¤ªà¤°à¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होता है।

किन लोगों को चने avoid करने चाहिए –

  • जिनको liver की समस्या है उन्हे भुने चने avoid करने चाहिए।
  • Gas/ acidity की problem होने पर।
  • Gout की problem होने पर।
  • Stone की problem होने पर।

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