घुटनों में दर्द / Knee Pain

घुटनों में दर्द / Knee Pain

आमतौर पर देखा जाता है कि घुटने के हर दर्द को लोग आर्थराइटिस समझ लेते हैं, जबकि घुटनों में दर्द के कई कारण हो सकते हैं तथा उनका इलाज भी भिन्न-भिन्न है। अर्थराइटिस में पैरों और हड्डियों के जोड़ों में तेज दर्द होता है, जिससे चलने-फिरने में भी तकलीफ हो सकती है। कुछ खास तरह के अर्थराइटिस में शरीर के दूसरे अंग भी प्रभावित होते हैं। ऐसे में दर्द के साथ दूसरी समस्याएं भी हो सकती हैं।

   जोड़ों में दर्द के लक्षण--

जोड़ों  पर कठोरता होना ,अकड़न आना
जोड़ों में खिंचाव महसूस होना  
कर्टिलेज का फटना, घिस जाना
बर्साइटिस
अर्थराइटिस
जोड़ों में सूजन
जोड़ों को मोड़ने में परेशानी होना
जोड़ों का लाल होना
चलने- फिरने में दिक्कत होना
जोड़ों में कमजोरी होना
हड्डियों में मिनरल की कमी होना
जोड़ों पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ना
मोच आना या चोट लगना 

जोड़ों के दर्द के उपाय--
1-गर्म और ठंडी सिकाई करें।
गर्म सिकाई के लिए गर्म पानी की बोतल को तौलिया में लपेट कर सिकाई जबकि, ठंडी सिकाई करने के लिए बर्फ के टुकड़ों को तौलिया में लपेटकर, उस तौलिया से सिकाई करें। यह पूरी प्रक्रिया 15 से 20 मिनट दोहराएं। इस विधि को दिन में दो बार करें।
जोड़ों के दर्द से निजात के लिए गर्म और ठंडी सिकाई करने से आराम मिलता है और गर्म सिकाई करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है वहीं ठंडी सिकाई से सूजन और चुभन कम होती है।
2-जोड़ों को चोट से बचाकर रखें। जब भी जोड़ों पर चोट लगने का डर हो, तो ब्रेसेस  पहनें।
3-शरीर का ज्यादा वजन घुटनों और कमर पर अधिक दबाव डालता है, जिससे कार्टिलेज  के टूटने का डर रहता है। ऐसे में वजन को कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी है।
4-जोड़ों के दर्द से राहत के लिए हमेशा एक्टिव रहें, लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहने से भी जोड़ों में कठोरता महसूस होती है।
5-दूध से हड्डियों को कैल्श्यिम और विटामिन डी मिलता है जिससे हड्डियां मजबूत बनती हैं। यदि दूध पसंद न हो तो दूध से बने अन्य खाद्य पदार्थ जैसे पनीर, दही आदि भी खाए जा सकते हैं।
6-स्ट्रेचिंग हफ्ते में तीन बार करें। स्ट्रेचिंग को एकदम शुरू करने की जगह, इससे पहले वार्म अप व्यायाम करें।
7-जोड़ों के दर्द से राहत के लिए सही पोश्चर में उठना, बैठना और चलना बेहद जरूरी है। सही पोश्चर गर्दन से लेकर घुटनों तक के जोड़ों की रक्षा करता है।

8-जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए व्यायाम को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। तैराकी भी जोड़ों के दर्द से राहत के लिए अच्छा व्यायाम होती है।

Source:Internet

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